भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों एवं परिवार के लिए सरकार के बड़े फैसले: वित्तीय सहायता दोगुनी, MNS को मिला ESM दर्जा
भारतीय सशस्त्र बलों के वीरों और उनके परिवारों के कल्याण की दिशा में केंद्र सरकार ने कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen - ESM) के पुनर्वास, आर्थिक सशक्तीकरण और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई है और पुरानी वित्तीय सहायता राशियों में 100% तक की बढ़ोतरी की गई है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इन नए फैसलों से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को क्या-क्या बड़े लाभ मिलने जा रहे हैं।
1. वित्तीय सहायता और कल्याणकारी अनुदान में भारी बढ़ोतरी
सैनिक कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की राशि को सीधा दोगुना कर दिया गया है, जिससे गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा:
- पेंशनरी ग्रांट (Penury Grant): गैर-पेंशनभोगी और वयोवृद्ध पूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों (सैनिकों की विधवाओं) के जीवन-यापन को आसान बनाने के लिए मासिक सहायता राशि को ₹4,000 से बढ़ाकर सीधा ₹8,000 प्रति माह कर दिया गया है।
- विवाह अनुदान (Marriage Grant): पूर्व सैनिकों की बेटियों की शादी और वीर नारियों के पुनर्विवाह के लिए मिलने वाले विवाह अनुदान को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है।
- शिक्षा अनुदान (Education Grant): आश्रित बच्चों की पढ़ाई में रुकावट न आए, इसके लिए मासिक शिक्षा सहायता राशि को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,000 प्रति माह कर दिया गया है।
2. रोजगार और पुनर्वास नीति में ऐतिहासिक बदलाव
आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकार ने पूर्व सैनिकों के सम्मानजनक पुनर्वास और स्वरोजगार (Self-employment) के नए रास्ते खोले हैं:
🔹 मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) को मिला पूर्व सैनिक (ESM) दर्जा
एक लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए सरकार ने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) के अधिकारियों को औपचारिक रूप से पूर्व सैनिक (ESM) का दर्जा दे दिया है।
लाभ: अब MNS अधिकारियों को भी केंद्र सरकार की नौकरियों में मिलने वाले पूर्व सैनिक आरक्षण, आयु सीमा में छूट और अन्य सभी कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
🔹 कोल लोडिंग एवं ट्रांसपोर्ट स्कीम (DGR & CIL का करार)
पुनर्वास महानिदेशालय (DGR) ने कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इसके तहत पूर्व सैनिक और वीर नारियां मिलकर कोयला परिवहन और लोडिंग के लिए अपनी एजेंसियां/कंपनियां शुरू कर सकते हैं। यह योजना पूर्व सैनिकों को एक सफल उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
🔹 ड्रोन टेक्नोलॉजी एवं आधुनिक प्रशिक्षण
भविष्य की जरूरतों और आधुनिक करियर विकल्पों को ध्यान में रखते हुए, पूर्व सैनिकों के लिए देश के प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT) संस्थानों के माध्यम से ड्रोन संचालन, मेंटेनेंस और तकनीक का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इससे ESM कॉर्पोरेट सेक्टर और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में आसानी से नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
निष्कर्ष
सरकार के ये नए कदम न केवल पूर्व सैनिकों के वित्तीय और सामाजिक स्तर को सुधारेंगे, बल्कि देश की सेवा के बाद उनके लिए एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण करेंगे। यदि आप या आपके परिचित में कोई पूर्व सैनिक है, तो इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए संबंधित जिला सैनिक बोर्ड (ZSB) या DGR पोर्टल पर संपर्क करें